एक व्यक्ति महाराष्ट्र सेआता है ,और अचानक ऐसा लगता है की भारत की राजनीति सामाजिक विचार धारा के बीच तलवारे खीच गई .राजनीतिक पार्टियों में भी साफ दो गुट बनते हुए दिखाई देने लगे .एक गुट अपने को सबसे इमानदार बताने लग गया और एक गुट पुरातत्व विभाग की तरह कई प्रकार के सबूत पेस करने लगा ,यहाँ तक हद होगी कि अपने को दलाल तक बोलने लगे .कभी कभी बड़ा मन ख़राब होता है कि ये कैसे नेता है हम ही तो चुन कर इन्हें मंत्री बनाते है .वाह! कितना आसान है ना नेता बनना .किसी नेता का साथ पकड़ो छोटा मोटा ठेका लेलो ,कुछ दलाली करलो पैसा बनाओ . फिर जहा से अपने सुरु किया वैसे कुछ लोगो को अपने साथ मिलाओ और एक समूह बनाओ ,लो भैया आप नेता जी बनने के काबिल हो गए जो आपके साथ है वो चाह कर भी आपका साथ नहीं छोड़ेंगे क्योकि भाई सबकी फसी पड़ी है ना इसलिए .चलो जी अब देखो हर मामले में टांग डालना सुरु करो यहाँ गलत सही कोई नहीं जानता सिर्फ हल्ला मचाओ जितना जिसका हल्ला उसकी उतनी पकड़ फिर देखना पार्टियों के दलाल आपसे मोल भाव करने आपके दरवाजे पर हाथ जोड़ कर खड़े मिलेंगे भाई साहब जरा दिमाग खोल कर निर्णय लेना क्योकि ये मौका बार बार नहीं आयेगा कोई और ना हाथ मार ले .अब सामाजिक सेवा के कार्य भी सुरु कर दो .अगल बगल देखो किसी जमींदार ने किसी गरीब की जमीन दबा रखी हो आवाज उठाओ भाई अरे अरे रुको गरीब की ओर से कहा बोलने लगे वो क्या देगा यार ,उसे तो ईश्वर ने गरीब बनाया है भूल कर भी भगवान के कार्य में दखलंदाजी मत करो अमीर आदमी का साथ दो वो नेता बनने का खर्च भी तो उठाएगा समझे .अब इलाके के कुछ ऐसे महान लोगो के कार्यो में सहायता करो जो पहले से किसी की संपत्ति हडपने ,अवैध कार्य करने के कारण प्रशासन के द्वारा परेशान किये जा रहे है (भाई ये तो अच्छे लोग है जिन्हें पता नहीं क्यों लोग बुरा भला कहते है शायद खुद नहीं कर पाते इस लिए चिड़ते है आप अपना काम करे बस ) अब भैया कही भी कोई काम हो रहा हो तो वहा जाकर उसकी बुराई करे कमिया निकाले तभी तो लोग आपपर ध्यान देंगे ,अगल बगल में देखे किसके जरूरी काम रुके पड़े है उनसे मिले उनके काम अपने इस्तर पर कराये (अब तक तो आप काफी अधिकारियो के चहेते तो बन ही गए होंगे भाई उनकी भी तो जरूरते होती है ना ) भाई काम बहुत मिलता है किसी बिधवा की पेंसन रुकी होती है ,किसी का इन्द्रा आवास ,किसी का बिजली का कनेक्सन ,बैंक लोन जमीन का मामला दुकान का मामला दहेज़ के केस वगैरा वगैरा पर भाई ध्यान रखा सुविधा शुल्क की बात पहले कर लेना क्योकि भैया फ्री में काम करोगे लो लोग फालतू समझेंगे देखना कोई काम करवाने नहीं आयेगा .अब देखना लोगो का काम भी होगा आपका नाम भी ओर आपकी जेब में माल भी .अब कौन साला आपको नेता बनने से रोक सकता है .जब भी चुनाव होंगे पार्टी वाले आपको खुद ढूढने आएंगे .आपको पार्टी अपने झंडे के नीचे चुनाव लड़ाएगी और भाई समाज में काम तो आपने किये ही है वो लोग आपको जीता तो देंगे ही .भाई जीत गए तो एक और बात का ख्याल रखना पाच साल तक किसी का कोई काम मत करना सिर्फ माल कमाना काम करने के लिए हारे हुए लोग बहुत होंगे भाई लोकतंत्र है सबको मौका मिलना चाहिए .कमाओगे नहीं तो अगला चुनाव कैसे लड़ोगे समझे .आराम से बैमानी करते हुए खूब कमाओ औरो को भी कमाने दो फसने का कोई डर दिल में मत रखना अकेले तो हो नहीं ऊपर वाले बन्दे देख लेंगे आखिर हिस्सा तो वहा भी देते हो ना .
i proud to be an indian vande mataram 3
ReplyDeletejai hind jai hind
यह एक एसा व्यसाय है जिस में या तो बुरे लोग ही आते है या फिर कुछ बचे खुचे आचे लोग आ भी जाते है तो उनको भ्रष्टहनी में देर नहीं लगती. क्यूंकि भ्रष्ट होने से रोकने वाला सिस्टम है ही नहीं. अगर हर साल एक विधायक के कामकाज का लेखा जोखा हो और गलती पकडे जाने पर वापिस बुलाने का भी प्रावधान हो तो क्या मजाल की कोई राजनीती को व्यवसाय समजने लगे ? दिल के गुब्बार को बहार निकालने के नए रास्ते के लिए बधाई . आशा है और जी जान लगा कर निरंतर लिखते रहोगे.
ReplyDeletegood
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