लादेन मारा गया आतंकवाद से सहमती न रखने वाले सभी लोगो ने इसका स्वागत किया .
इंडिया के मीडिया को गरारे करने पड़े खबर को देते देते गले थक गए हमारे कुछ नेता तो
अंतिम क्रिया का तरीका भी बताने लगे .कैसे मरा कैसे मारा ऐसे बता रहे थे कि C I A ने
इनके पैर पर सर रखकर आशीर्वाद लिया हो और इन्होने विजयी भव कह कर भेजा हो .
अपने नाखून साफ नहीं कर सकते दुसरे का सर धोने चले है .
अमेरिका ने अपने इस ऑपरेशन से सिर्फ और सिर्फ ये जता दिया कि उसके देश में एक आम
आदमी की कीमत है .वो इन्सान को पैसे में नहीं गिनता ,पैसे को इन्सान के लिए गिनता है
उसके लिए वो कुछ भी कर सकता है .कुछ बाते गलत भी है पर वो करता तो है ,
लादेन को मरने के कुछ घंटो के बाद भारत के तमाम मीडिया में राजनेता और नौकरशाह
संसद से लेकर मुंबई हमलो के गुनाहगारो को पकड़ने मरने की बाते पानी पि पि कर गाने लगे
हद है भाई अरे कोई इनको बताता क्यों नहीं आप अपनी जबान बंद रख कर कुछ कर भी सकते
हो या नहीं ,अमेरिका ने उसे भी नहीं बताया जिसके वहा वो छुपा था ,
ये तो ऐसे लगता है की कोई करना ही नहीं चाहते और कोई सोच ले तो इतना हल्ला पहले मचा देते है बंदा पहले ही गायब .
खिसिया कर एक बात बोल देते है कि हम अमेरिका कि तरह नहीं कर सकते हम उतने पॉवर फुल नहीं है ,अमेरिका ने मना किया है क्या पॉवर फुल बनने से .अरे जितना ये लोग इंडिया का पैसा
दबा के बैठे है उतने में तो दो अमेरिका पल जायेंगे .
इनके लिए ये ही काफी है कि ये बोलते रहे मुफ्त के रायचंद बने रहे सब को राय देते रहे .और कभी
किसी ने कुछ पूछ लिया तो कह देंगे हम अमेरिका कि तरह पॉवर फुल नहीं है.
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अमेरिका ने एक बात को सिद्ध किया कि अपनों के दिल में अपनों का दर्द होता है ,वो अपने देश के बराबर अपने नागरिक कि कीमत मानता है ,हमारा दुर्भाग्य ही है कि किसको अपना कहे .
Suraj jee ye hui na baat. hamare neta napuncak hai wo apni hifajat kar na jaante hai baki public maa cho.....?
ReplyDeleteSIR LIKE IT .......
ReplyDeleteNobody is safe in Pakistan, not even laden.
ReplyDeleteEverybody is safe in Hindustan, even Kasab and Afjal
I am totally agreed with Shailender Sir.
ReplyDeleteIn india, polictics is for caste religion place .... that is for vote only. There is a big gap between a rich & poor man who is so called belongs to middle family. No one here to cares for us. Ek badlaw ki zarurat hai yahan samaj mein desh mein har jagah jab hum badlenge to desh badlega.
जरा सोचो जिस देश की बात कर रहे है हम, उस देश के नेता सिर्फ यह चाहते है की कुर्सी पर सिर्फ उनके नाती रिश्तेदार बैठे . जिसके नेता सिर्फ यह चाहते है की देश की जनता सिर्फ गरीब रहे ताकि उनका राज सुरक्षित रहे , उन्हे सिर्फ बी पी एल के कार्ड थमा दो ताकि उस से ऊपर कुछ सोच ही न सके और उसमे भी अपना नाम किसी भी तरीके से लिखवा कर खुश हो जाये.
ReplyDeleteगुलाम मानसिकता के नेता आज भी देश के आजाद होने साठ साल बाद भी जान बुझ कर अंग्रेजी का दामन नहीं छोड़ रहे , उन्हे मालूम है की अगर मात भाषा मैं शिक्षा मिल गयी तो हर कोई पढ़ लिख जायेगा , अगर फिजिक्स , केमिस्ट्री कम्पुटर का ज्ञान हिंदी मे मिल गया तो देश का बच्चा बच्चा पढ़ लिख जायेगा और अपने हक जान जायेगा , फिर इन्हे वोट कोण देगा. देश की जनता को इतना दबा के रखो की वोह अपनी रोजी रोटी से उपर कुछ सूच ही न सके . और अगर कुछ लोग सूच भी ले और संघर्ष कर के उठ भी जाये तो उनको कमान वेल्थ , वर्ल्ड कप और आई पी एल में डुबो दो ताकि वे देश के बारे मैं सोच ही न सके.
देश के लोगो समझो , युवा शक्ति जागो आब समय आ गया है