Saturday, October 1, 2011

एक अरब अमीरों का देश

भाई गजब सा हो रिया  आज कल ,हर कोई बलदा हुआ नजर आ रिया  .कल मुगेरी बाबु को रिक्शे वाले ने डाट दिया , गलती से मार्केट तक चलने से बोल बैठे थे रिक्शे वाला भड़क गया बोला चलो निकल लो ३२ रुपए कमा चुका हु अब मै गरीब नहीं हु चले आते है जाने कहा से और देखते भी नहीं किसको रिक्शा चलाने को बोल दिया .

भला हो सरकार की  प्लानिंग कमिशन का २१ करोड़ तो पहले से ही अमीर थे ,अब सब अमीर है दिल्ली मे भीख मांगने वाले सरकार को फूल का गुलदस्ता देके धन्यवाद् करेंगे कि गरीबो को रोटी न दी तो क्या हुआ अमीरी का ताज 
तो दे दिया .

विश्व में सायद हमारा देश एकलोता देश है यहाँ  रोटी कपडा मकान भले न हो लेकिन भाई यहाँ अमीर हर कोई है .
हमारा पैमाना अलग है भाई इन्सान जिन्दा हो चलता हुआ कही भी पाया जाये वो अमीर है ,कल हमने सोचा भाई हम तो अमीर है चलो कुछ दान कर ले एक भिखारी को देखा पाच रूपये देने लगे तो भैया उसने मना कर दिया बोला ३२ रूपये का इन्तेजाम हो गया अब हम अमीर है लंच के बाद आपसे कुछ ले पाएंगे तब तक इंतज़ार करो ,लो भैया हम तो शर्मिंदा होगये विस्वास नहीं हुआ कि "ये मेरा इंडिया ".


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